राजस्थान सरकार की ‘आई-स्टार्ट‘ योजना से मिल रहा है जोधपुर के स्टार्टअप्स को लाभ।

स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार दे रही है हरसंभव मदद।

स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार दे रही है हरसंभव मदद।

इन्क्यूबेशन सेंटर कर रहा है जोधपुर में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत।

 

राजस्थान सरकार द्वारा संचालित आई-स्टार्ट योजना प्रदेश में स्टार्टअप्स (iStartup) को प्रोत्साहित करने एवं उनको काम करने के लिए एक बेहतर माहौल प्रदान करने हेतु एक अनूठा प्रयास है। यह योजना युवाओं को उद्यमिता एवं रोजगार के साधन मुहैया करवाने तथा स्टार्टअप प्रोफेशनल्स को बढ़ावा देने हेतु राज्य सरकार की एक महत्वकांक्षी तथा सार्थक पहल है जिसने पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में स्टार्टअप वातावरण को स्थापित करने के लिए देश में अग्रणी कार्य किया है।
जिला कार्यालय सूचना प्रौद्योगिकी ओर संचार विभाग, जोधपुर के अतिरिक्त निदेशक एस.एल. भाटी द्वारा जोधपुर जिले के चयनित स्टार्टअप्स के साथ दिनांक 02-03-2020 को बैठक कर आई-स्टार्ट योजना के तहत नए स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को उनके कार्य क्षेत्र में तकनीकी परामर्श एवं राजस्थान सरकार द्वारा दी जाने वाली तकनीकी एवं आर्थिक सहायता के बारे में जानकारी दी ।
स्टार्टअप्स को विश्वस्तरीय सुविधायें प्रदान करने हेतु राजस्थान सरकार द्वारा जयपुर में एक वृहद स्टार्टअप टेक्नोहब की स्थापना की गयी है जिसमें 700 से अधिक स्टार्टअप के बैठने की व्यवस्था निःशुल्क प्रदान की जाती हैं। इसी तर्ज पर जोधपुर में भी स्टार्टअप प्रोफेशनल्स को प्रोत्साहित एवं सरकारी मदद देने के लिए इन्क्यूबेटर सेंटर स्थापित किया जायेगा इसके लिए जगह का चयन किया जा चुका है तथा जल्द ही भवन का निर्माण किया जायेगा।
जोधपुर इन्क्यूबेटर सेन्टर जो कि वर्तमान में सूचना प्रौद्योगिकी ओर संचार विभाग के डी.आर. साइट के भवन में संचालित हो रहा है तथा सेन्टर के उपनिदेशक श्री जे.पी. ज्याणी ने बताया कि जोधपुर में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने  हेतु इन्क्यूबेटर सेंटर में मेंटरिंग की सुविधा दी जाती है साथ ही तकनीकी संस्थानों के छात्रों एवं युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने तथा आई-स्टार्ट योजना से जुड़ने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए वर्कशॉप का आयोजन किया जाता है।
वर्तमान में जोधपुर में संचालित आई-स्टार्ट इन्क्यूबेटर सेंटर से 33 स्टार्टअप जुड़े हुए है। ये स्टार्टअप शिक्षा, कृषि, आई.टी., पर्यटन, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल आदि विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार करके अपने बिजनेस आईडिया को क्रियान्वित कर रहे हैं। साथ ही रोजगार सृजन करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। ये इन्क्यूबेटर सेंटर नया स्टार्टअप शुरू करने हेतु युवाओं और नव उद्यमियों को बैठने का स्थान उपलब्ध करवाने से लेकर उनको तकनीकी रूप से कुशल बनाने एवं व्यवसाय को पूर्ण रूप से स्थापित एवं विकसित करने के लिये आवश्यक वित्तिय सहायता मुहैया करवाना तथा सरकार द्वारा निर्धारित इन्वेस्टर्स के साथ टाई-अप करवाने में भी इन्क्यूबेटर सेंटर मदद करता हैं।
राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष बजट में स्टार्टअप के विकास के लिए 75 करोड़ रुपये के ‘‘राजीव /75 फण्ड‘‘ की स्थापना करने की घोषणा की गयी है। साथ ही राज्य की शैक्षणिक संस्थाओं (जैसे आईआईटी जोधपुर, बिट्स पिलानी, एमएनआइटी जयपुर, एम्स जोधपुर आदि) सहित अन्य संस्थानों में स्थापित इनक्यूबेटर्स को आई-स्टार्ट राजस्थान से जोड़ने की घोषणा भी की गयी है। साथ ही स्टार्ट-अप्स को बढावा देने के लिए नई स्टार्ट-अप नीति को भी लागू किया जायेगा।